गुरुवार, 23 फ़रवरी 2023

MP-MLA कोर्ट ने सपा विधायक विजमा यादव 22 साल पुराने केस में दोषी करार दिए


Prayagraj : सपा विधायक विजमा यादव को MP-MLA कोर्ट ने डेढ़ साल की सजा सुनाई है। बच गई सदस्यता। 

22 साल पुराने केस में MP-MLA कोर्ट ने सुनाया फैसला ; पुलिस टीम पर हमला, भड़काने का था आरोप। 

6AM Lucknow : Published by, Ravindra yadav Lucknow, 23, Feb, 2023 : Thu , 01:18 PM, IST 

  विधायक विजमा यादव (बीच में) फाइल फोटो

Allahabad 22 साल पुराने केस में MP-MLA कोर्ट ने सपा विधायक विजमा यादव को MP-MLA कोर्ट ने डेढ़ साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने धारा 147, 341, 504, 353, 332 और 7 सीएलए एक्ट के तहत सजा तय की है। उनपर 7 CL Act के तहत एक लाख का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने 22 साल पुराने आगजनी और हिंसा से जुड़े केस में उन्हें दोषी ठहराया था। इस मामले में पुलिस टीम पर हमला, आगजनी और हिंसा फैलाने का आरोप था। 

विजमा यादव, प्रयागराज की प्रतापपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं।


प्रयागराज की प्रतापपुर विधानसभा सीट से सपा विधायक विजमा यादव MP-MLA कोर्ट ने 22 साल पुराने मामले में दोषी माना है। वो पुलिस टीम पर हमला, आगजनी और हिंसा फैलाने के मामले में कोर्ट में पेश हुईं थीं। कोर्ट दोपहर 2 बजे के बाद सजा सुनाएगी।

सहसों में प्रदर्शन के दौरान हुई थी हिंसा। 

21 सितंबर 2000 की दोपहर 2 बजे सहसो पुलिस चौकी के सामने श्याम बाबू के 7 साल के बेटे आनंद उर्फ छोटू की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद लोगों ने आनंद के शव को लेकर सड़क पर जाम लगा दिया था। भीड़ में कई लोग असलहे से लैस थे। 

मौके पर पहुंचे तत्कालीन थाना प्रभारी सराय इनायत कृपाशंकर दीक्षित और पुलिस की टीम पर पथराव हुआ था।

इसके बाद बवाल हुआ। आसपास की गाड़ियों में भी आग लगा दी, तोड़फोड़ की गई। विजमा यादव पर भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप है। घटना के बाद विजमा यादव समेत कई दर्जन लोगों के खिलाफ सराय इनायत थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

इंस्पेक्टर ने बयान दिया था कि विजमा यादव ने ही भीड़ को उकसाया था

11 अक्टूबर 2022 को MP-MLA विशेष कोर्ट के न्यायाधीश डॉ दिनेश शुक्ला के सामने सहायक जिला शासकीय वकील सुशील वैश्य ने 11 गवाहों का बयान दर्ज कराया था।

 तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर महेंद्र प्रताप सिंह ने भी गवाही दी थी। महेंद्र प्रताप सिंह का कहना था कि भीड़ को उकसाने में विधायक विजमा यादव का हाथ था। उन्होंने ही भीड़ को हिंसक होने के लिए भड़काया था।

इस मामले में विष्णु दत्त दुबे तत्कालीन इंस्पेक्टर थरवई, कमालुद्दीन हेड कॉन्स्टेबल, महेंद्र प्रकाश सिंह कॉन्स्टेबल, द्वारिका प्रसाद यादव कॉन्स्टेबल, कड़े दिन यादव पीएसी बल, लाल मनी सिंह पीएसी, मनीष कुमार सिंह कॉन्स्टेबल, सुशील कुमार तिवारी कॉन्स्टेबल, महेंद्र प्रताप सिंह कॉन्स्टेबल, प्रेम प्रकाश शुक्ला PAC का अदालत के समक्ष बयान दर्ज किया जा चुका है । 

विशेष अदालत ने विधायक विजमा यादव, शिव दास, विनोद, पवन, शिवप्रताप, अभय राज, चंद्रप्रकाश, अशोक पाल, दुर्गेश सिंह, राजू सिंह, जगन्नाथ, श्याम बाबू, हरिलाल वा जंग बहादुर पर इस मामले में आरोप तय किए गए हैं, जिस पर आज फैसला आएगा।





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