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Uttarakhand Glacier Outburst डॉ महेंद्र सिंह ने प्रदेशवासियों की सुरक्षा के मद्देनजर जारी किया दिशानिर्देश ।

उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से भयंकर तबाही, उ.प्र.जलशक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने गंगा किनारे स्थित जनपदों को किया एलर्ट। अधिकारियों को प्रदेशवासियों की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी किया। 

सब्सक्राइब करें। www.6amnewstimes.com Ravindra Yadav lucknow 07:02 :2021


लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी के निदेश पर जलशक्ति मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह ने उत्तराखण्ड में ग्लेशियर टूटने की घटना पर गंगा के किनारे के समस्त जिला व पुलिस प्रशासन एन.डी.आर.एफ , एस.डी.आर.एफ. तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को हाई एलर्ट पर रहने के निर्देश दिये हैं । जलशक्ति मंत्री ने गंगा के किनारे निवास करने वाले लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर आम जन मानस से अपील किया है कि ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने जिला प्रशासन तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि इस प्राकृतिक घटना पर लगातार नजर रखें और आवश्यक कदम उठायें । उन्होंने यह भी कहा है कि 24 घंटे निगरानी रखी जाये और हर तरह के इंतजाम सुनिश्चित किये जायं ।


प्राप्त जानकारी के अनुसार चमोली जिले में एवलांच के बाद ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया है, जबकि धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूट गया, जिससे गंगा और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इसे देखते हुए राज्य में चमोली से लेकर हरिद्वार तक रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। जब यह हादसा हुआ, तब दोनों प्रोजेक्ट पर काफी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। इस हादसे में करीब 150 लोगों के लापता होने की आशंका है, जबकि दो लोगों के शव मिलने की खबर है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार इस घटनाक्रम पर निगरानी रखे हुए हैं। वे त्रिवेंद्र सिंह रावत जोशीमठ पहुंच गए हैं। उन्होंने यहां घटनास्थल का मुआयना किया और पूरी जानकारी ली। वहीं, पानी कर्णप्रयाग तक पहुंच गया है। 
 सैलाब का समय 
सुबह 10:40 बजे: चमोली जिले के ऋषिगंगा नदी में हिमखंड टूटने से नदी ने लिया रौद्र रूप सुबह 10:55 बजे: रेणी में ऋषिगंगा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का एक बड़ा हिस्सा तोड़कर आगे बढ़ा पानी का सैलाब सुबह 11:10 बजे: ऋषिगंगा-1 और देवडी बांध को क्षतिग्रस्त कर बहाव आगे बढ़ा। सुबह 11:25 बजे: धौलीगंगा और ऋषिगंगा के संगम के बाद तपोवन पहुंचा अलकनंदा नदी का पानी, तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना को भारी नुकसान कर सैलाब आगे बढ़ा। सुबह 11:45 बजे: जोशीमठ को पार कर विष्णुगाड-पिपलकोटी परियोजना तक पहुंचा बाढ़ का पानी। दोपहर 12.12 बजे: चमोली को पार कर नंदप्रयाग पहुंचा पानी। दोपहर 1:00 बजे: चमोली जिले में कर्णप्रयाग पार करने के बाद पानी के बहाव में आई कुछ कमी। दोपर 1:20 बजे: रुद्रप्रयाग जनपद को पार कर श्रीनगर से आगे पानी के बहाव में आई कमी किन्तु खतरा कायम।


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