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up panchayat election; पंचायत चुनाव के आरक्षण में पिछड़ा वर्ग की महिलाओं की सीटों मे भारी कटौती।

देखे ; ग्राम प्रधान पद किस जाति के लिए कितने हुए रिजर्व, कौन कहां से लड़ेगा चुनाव 👉 लखनऊ अध्यक्ष पद दलित महिला के लिए होगा आरक्षित।

 UP Panchayat Chunav 2021 Latest News: सब्सक्राइब करें। www.6amnewstimes.com lucknow 13:02:2021 रविन्द्र यादव लखनऊ।


  यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण सूची जारी हो गई है। अब लोगों को पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान का इंतजार है।  जिला पंचायत अध्यक्ष पद के अलावा ग्राम प्रधान और ब्लॉक प्रमुख के लिए भी आरक्षण लिस्ट आ चुकी है। इस बार ग्राम प्रधान के पदों पर चुनाव में महिलाओं के लिए 333 आरक्षित पद घट गए हैं। 

2015 के पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान पद के लिए महिलाओं के लिए कुल 19,992 पद आरक्षित हुए थे, इनमें से अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए कुल 132 पद आरक्षित थे, अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए कुल 4341 पद आरक्षित हुए थे, अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए कुल 9927 पद आरक्षित हुए थे जबकि इस बार के पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए कुल 19659 पद आरक्षित हुए हैं। इनमें से अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए 131, अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 4288, अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए 5501 और सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 9739 पद आरक्षित किए गए हैं। 

 किस जाति को कितने पद पर मिला आरक्षण :

शुक्रवार को जारी किए गए आरक्षण ब्योरे के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर 12 सामान्य महिलाएं, सात ओबीसी महिलाएं और छह अनुसूचित जाति की महिलाएं यानी कुल 25 महिलाएं काबिज होंगी।यह जानकारी लखनऊ में पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह व निदेशक किंजल सिंह ने दी। उन्होंने इस बार के पंचायत चुनाव में आरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा तय किए गए आरक्षण फार्मूले के तहत इस बार प्रदेश में महिलाओं के लिए ब्लॉक प्रमुख के कुल 300 पद आरक्षित किये गये हैं। इनमें से चार पद अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए, 86 पद अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए और 97 पद अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 113 पदों रहेंगे। 

  पिछली बार यह हुआ था आरक्षण । 

वर्ष 2015 में हुए पिछले पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए ब्लॉक प्रमुख के कुल 298 पद आरक्षित हुए थे, इनमें से चार पद अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए, 86 पद अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए, 98 पद अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए और 110 पद सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हुए थे। इस तरह से 2015 के पंचायत चुनाव के मुकाबले इस बार जहां एक तरफ ब्लॉक प्रमुख के पद पर अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला का एक पद कम हुआ। 

वहीं सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए तीन आरक्षित पद बढ़ गए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष के पदों पर महिलाओं के आरक्षण की स्थिति पिछले चुनाव की तरह ही है। जानकारी के अनुसार, इस बार के पंचायत चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर अनुसूचित जनजाति की महिला के लिए कोई पद आरक्षित नहीं हुआ, यही स्थति पिछले पंचायत चुनाव में भी थी। अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए पिछले चुनाव की ही तरह छह पद आरक्षित किये गये हैं जबकि सात पद ओबीसी की महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं, इतने ही पद पिछले चुनाव में भी आरक्षित हुए थे। सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए कुल 12 पद आरक्षित हुए हैं, इतने ही पद पिछले चुनाव में भी आरक्षित हुए थे। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पिछले चुनाव के ही मुताबिक कुल 25 पद आरक्षित हुए हैं।

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पंचायत चुनाव में आरक्षण जारी होने के बाद कितनी बदल गई राजनीति। 

UP Panchayat Elections: यूपी पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण जारी होने के बाद कई जिलों की ग्रामीण राजनीति के समीकरण बदल गए हैं। राजधानी लखनऊ में जिला पंचायत अध्यक्ष का पद दलित महिला के लिए आरक्षित होगा।

    

  •  हाइलाइट्स। 👇👇

  • 👉  उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम प्रधान के पदों के लिए आरक्षण जारी । 
  • 👉  कई जिलों के समीकरण बदले, लखनऊ में जिला पंचायत अध्यक्ष का पद दलित महिला के लिए आरक्षित होगा। 
  • 👉  लखनऊ मंडल में उन्नाव छोड़कर जिला पंचायत अध्यक्ष के सभी पद आरक्षित श्रेणी में होंगे, गोरखपुर अनारक्षित। 

  यूपी पंचायत चुनाव में हर सीट पर बदलेगी आरक्षण की सूरत, देखे और जाने।   


लखनऊ

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम प्रधान के पदों के लिए आरक्षण जारी कर दिया गया है। रोटेशन के बाद कई जिलों की ग्रामीण राजनीति के समीकरण बदल गए हैं। राजधानी लखनऊ में जिला पंचायत अध्यक्ष का पद दलित महिला के लिए आरक्षित होगा। पिछली बार यह सीट ओबीसी के लिए आरक्षित थी। लखनऊ मंडल में उन्नाव छोड़कर जिला पंचायत अध्यक्ष के सभी पद आरक्षित श्रेणी में होंगे।


सीएम के शहर गोरखपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष का पद इस बार अनारक्षित श्रेणी में है, जबकि पीएम का संसदीय क्षेत्र वाराणसी रोटेशन के बाद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हो गया है।

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