राजनीति

[politics][bigposts]

स्वास्थ्य

[health][bsummary]

ई-न्यूज पेपर

[e-newspaper][twocolumns]

UP Panchayat Chunav 2021: आरक्षण तय, कब क्या होगा ? 👉 दिन तारीख से जानें पूरी प्लानिंग।

यूपी पंचायत चुनाव आरक्षण लिस्ट : हर सीट पर बदलेगी आरक्षण की सूरत अध्यक्ष के लिए आरक्षण तय, कब क्या होगा ? जानिए दिन तारीख से जानें पूरी प्लानिंग

UP Panchayat Chunav 2021 Latest News: सब्सक्राइब करें। www.6amnewstimes.com lucknow 12:02:2021   रविन्द्र यादव लखनऊ।



यूपी पंचायत चुनाव 2021 के तहत शुक्रवार को शासन ने

 जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण की स्थिति साफ कर दी। शासन के मुताबिक जिला पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की लिस्ट जारी कर दी गई है।  

  • हाइलाइट्स:
  • उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 को लेकर आरक्षण नीति जारी
  • शासन ने शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण पर भी लगाई मुहर
  • जिला पंचायत अध्यक्ष के 27 पद अनारक्षित, 12 सीट महिला और 27 सीटें ओबीसी

  यूपी पंचायत चुनाव आरक्षण लिस्ट : कब क्या होगा ? जानिए दिन तारीख से जानें पूरी प्लानिंग।  

त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो जाएगी। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके तहत जिला पंचायत अध्यक्षों का आरक्षण शासन स्तर से तय किया जाएगा जबकि ब्लॉक प्रमुखों की संख्या शासन स्तर से और आरक्षण जिले स्तर पर तय किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम प्रधानों का आरक्षण जिले स्तर पर होगा और संख्या भी ब्लाकों को मानक मानकर जिले में ही तय की जाएगी। आरक्षण की व्यवस्था अब तक अनारक्षित रही सीटों को ध्यान में रखते हुए की जाएगी। मसलन, जो सीट पिछले पांच चुनावों में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित नहीं हुई, उसे अब एससी के लिए आरक्षित किया जाएगा। यही व्यवस्था ओबीसी की सीटों को लेकर अपनाई जाएगी।  

  जिला पंचायत अध्यक्ष पद में कौना सा जिला किसके लिए हुआ आरक्षित:  

अनुसूचित जाति स्त्री : 

👉  शामली, बागपत, लखनऊ, कौशांबी, सीतापुर, हरदोई

अनुसूचित जाति : 

👉  कानपुर नगर, औरैया, चित्रकूट, महोबा, झांसी, जालौन, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, मिर्जापुर

ओबीसी महिला : 

👉  संभल, हापुड, एटा, बरेली, कुशीनगर, वाराणसी, बदायूं

ओबीसी : 

👉  आजमगढ़, बलिया, इटावा, फर्रुखाबाद, बांदा ,ललितपुर, अंबेडकर नगर, पीलीभीत, बस्ती ,संत कबीर नगर, चंदौली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर


  यूं तय होगा आरक्षण :  

-रोटेशन रिजर्वेशन लागू किया जाएगा, वर्ष 1995 से 2015 तक हुए पांच चुनावों को माना जाएगा आरक्षण तय करने का आधार

-जो पंचायतें अभी तक एससी के लिए आरक्षित हुईं और ओबीसी के लिए कभी आरक्षित नहीं हुईं, वे अब ओबीसी के लिए आरक्षित होंगी

-जो पंचायतें अभी तक ओबीसी के लिए आरक्षित होती रहीं और एससी के लिए कभी आरक्षित नहीं हुईं, वे पंचायतें अब एससी के लिए आरक्षित होंगी

-महिलाओं का 33 फीसदी आरक्षण हर चुनाव में पूरा होता रहा है, यह ऐसे ही जारी रहेगा

पंचायत चुनाव के तिथिवार कार्यक्रम-

1.सरकार द्वारा जिला पंचायत का आरक्षणव आवंटन एवं क्षेत्र पंचायत प्रमुख का जिलेवार आरक्षण चार्ट जारी करना। निदेशालय द्वारा विकास खण्डवार प्रधानों के पदों का आरक्षण चार्ट से तैयार कर जिलों को प्रेषण : 11/02/2021 से 15/02/2021

2. निदेशालय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों का प्रशिक्षण : 16/02/2021

3. जिले स्तर पर विकासखम्ड स्तरीय अफसरों का प्रशिक्षण: 18/02/2021 से 19/02/2021

4. आरक्षित ग्राम पंचायत प्रधानों तथा ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत के आरक्षित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्ड)के आवंटन का डीएम द्वारा प्रस्ताव की तैयारी : 20/02/2021 से 01/03/2021

5. ग्राम पंचायत के आरक्षित प्रधानों तथा ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के आरक्षित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के आवंटन की सूची का डीएम द्वारा प्रकाशन : 02/03/2021 से 03/03/2021

6. प्रस्ताव पर आपत्तियों प्राप्त करने की तिथि : 04/03/2021 से 08/03/2021

7. आपत्तियों को जिला मुख्यालय पर एकत्रिकरण- 09/03/2021

8. आपत्तियों का डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा परीक्षण एवं निस्तार व अन्तिम सूची तैयार किया जाना : 10/03/2021 से 12/03/2021

9. डीएम द्वारा आरक्षित ग्राम पंचायत के प्रधानों, ग्राम पंचायतों तथा जिला पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचन की अन्तिम सूची का प्रकाशन : 13/03/2021 से 14/03/2021

10. डीएम द्वारा पंचायतीराज निदेशालय को शासनादेश में उल्लिखित प्रारूप पर आरक्षित ग्राम पंचायत के प्रधानों तथा ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत के आरक्षित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की सूचना प्रेषित किया जाना :15/03/2021

👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇

लखनऊ उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 को लेकर आरक्षण नीति जारी होने के बाद शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण पर भी मुहर लग गई। यूपी सरकार ने शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण की घोषणा की। इसके तहत जिला पंचायत अध्यक्ष के 27 पद अनारक्षित यानी सामान्य रहेंगे। वहीं 12 सीट महिला और 27 सीटें ओबीसी के खाते में गई हैं। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष की 16 सीटें एससी में आरक्षित की गई हैं।

जिला पंचायत के आरक्षण की स्थिति शुक्रवार को साफ हो गई है। शासन के मुताबिक जिला पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की लिस्ट जारी कर दी गई है।    27 जिला पंचायत अध्यक्ष सीट अनारक्षित श्रेणी से होंगे, जबकि 48 आरक्षित। इनमें अनुसूचित जाति की 16 (6 महिला), पिछड़ी जाति की 20 (7 महिला) और 12 सीटें सामान्य महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।  


  इस आधार पर तय आरक्षण। 

इससे पहले गुरुवार को शासन ने आरक्षण नीति जारी कर दी थी। नीति में साफ है कि वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के लिए आरक्षण की जो स्थिति थी, वह इस बार बदलेगी। आरक्षण नीति में वर्ष 1995 से 2015 तक तय आरक्षण को संज्ञान में रखा जाएगा। उधर, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर परिसीमन को पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका है।


  एससी और ओबीसी के लिए कभी आरक्षित नहीं हुईं दो जिला पंचायत की सीटें।  

पूरे प्रदेश में 2 जिला पंचायत ऐसी हैं जो आज तक एससी और ओबीसी के लिए आरक्षित ही नहीं हुईं। वहीं, 7 जिला पंचायतें ऐसी हैं, जो कभी भी महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं हुईं। ऐसी जिला पंचायतों को वरीयता मिलेगी। 

  2015 के मुकाबले बदली रहेंगी सीटें ।  

पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव में 2015 में जो आरक्षण की स्थिति थी, वह इस चुनाव में नहीं होगी। जो पद या सीटें एससी-एससी या महिला के आरक्षित थे, वे इस बार अनारक्षित और ओबीसी के हो सकते हैं। कोई भी ऐसा पद जो आज तक एससी के लिए आरक्षित नहीं हुआ, वह एससी के लिए आरक्षित हो सकता है। ऐसा ही ओबीसी और महिला सीटों और पदों के लिए भी होगा।

  जल्द तय होगी ग्राम पंचायतों के आरक्षण की स्थिति  

मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 826 ब्लॉकों में जिलेवार किस श्रेणी में आरक्षण होगा, यह राज्य स्तर पर जारी किया जाएगा। जिला पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया भी राज्य स्तर पर जारी होगी। डीएम 2 से 3 मार्च के बीच प्रधानों, ग्राम पंचायत, क्षेत्र और जिला पंचायत के आरक्षित प्रदेशिक आरक्षण निर्वाचन क्षेत्र के आवंटन की प्रस्‍तावित सूची का प्रकाशन करके आपत्तियां मांगेंगे। 4 मार्च से 8 मार्च तक लिखित आपत्ति दर्ज करवाई जा सकती हैं। 10 से 12 मार्च के बीच आपत्तियों को निपटाते हुए फाइनल सूची तैयार की जाएगी। 15 मार्च तक जिला अधिकारी को निदेशालय को आरक्षण की अंतिम सूची उपलब्ध करवाने को कहा गया है।

  बीडीसी और प्रधान की सीट पर ऐसा होगा आरक्षण  

मनोज कुमार ने बताया कि 826 क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों में से पांच अनुसूचित जनजाति के होंगे, जबकि 171 अनुसूचित जाति के और पिछड़ा वर्ग के 223 होंगे। ग्राम प्रधानों 330 अनुसूचित जनजाति से, 12,045 अनुसूचित जाति से और 15,712 पिछड़ी जाति से होंगे।

  1. हाइलाइट्स ;
  2. इतने पदों पर पड़ेंगे वोट
  3. 58,194 ग्राम प्रधान
  4. 7,31,813 ग्राम पंचायत सदस्य
  5. 75,805 क्षेत्र पंचायत सदस्य
  6. 3,051 जिला पंचायत सदस्य




.......... 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें