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Jal Shakti Mantralay UP ; बाढ़ कार्यों को मानसून से पूर्व पूर्ण कराने एवं कार्यो में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए


डॉ महेन्द्र सिंह ने सीतापुर मे बाढ़ परियोजनाओं को मानसून से पूर्व पूर्ण कराएं जाने एवं कार्यो में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। 

  सब्सक्राइब करें। www.6amnewstimes.com 24 :05 :2021 RAVINDRA YADAV Lucknow, 9415461079 


 लखनऊः यूपी जलशक्ति मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह जी ने आज जनपद सीतापुर में चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया तथा मानसून से पूर्व जनता को बाढ़ से सुरक्षा प्रदान किये जाने के दृष्टिगत बाढ़ परियोजनाओं के कार्य मानसून पूर्व 31 मई , 2021 तक पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये । साथ ही बाढ़ सम्बन्धी समस्त तैयारियां मानसून से पूर्व सुनिश्चित किये जाने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालों की सफाई भी वर्षा काल से पूर्व पूर्ण किये जाने के निर्देश दिए । पत्रकारों के वार्ता करते समय डॉ सिंह ने अवगत कराया कि कोविड महामारी के बावजूद सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ की तैयारियों के समस्त कार्य समयानुसार कराये जा रहे है।


 वर्ष 2020-21 में सिंचाई विभाग के अन्तर्गत 254 बाढ़ परियोजनाएं संचालित थीं जिनमें से 83 परियोजनाओं के कार्य बाढ़ काल 2020 के प्रारम्भ होने से पूर्व माह जून तक पूर्ण कर लिए गये थे। अतिसंवेदनशीन स्थलों जिन पर बाढ़ परियोजनाएं स्वीकृत नहीं थी उन स्थलों पर अनुरक्षण मद से अति आवश्यक कार्य कराकर बाढ़ से सुरक्षा प्रदान की गयी । माह दिसम्बर , 2020 तक 146 परियोजनाएं पूर्ण की गयी तथा वर्ष के अन्त तक अर्थात माह मार्च , 2021 तक 193 परियोजनाएं पूर्ण की गयी। 

इस वर्ष 2020-21 के बाढ़ काल की तैयारियों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री योगी द्वारा एक साहसिक एवं अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए पिछले वर्ष के माह जनवरी , 2021 में ही बाढ़ कार्य हेतु पुनर्विनियोग के माध्यम से धनराशि उपलब्ध करायी गयी , जिसके अन्तर्गत 184 नई बाढ़ परियोजनाओं पर धनराशि स्वीकृत की गयी तथा समस्त कार्य माह फरवरी, 2021 में प्रारम्भ कर दिये गये थे। 

 समस्त परियोजनाओं के कार्य मानसून पूर्व 31 मई , 2021 तक कराये जाने हेतु लक्षित है । जनपद में ड्रेजिंग कार्य के फलस्वरूप अब तक लगभग 6,50,000 घनमी 0 ड्रेज्ड मैटेरियल निकाला गया है निकाले ड्रेज्ड मैटेरियल में से 5,07,544 घनमी बालू की माप नीलामी हेतु कर ली गयी एवं नीलामी की कार्यवाही प्रगति में है । इस परियोजना के कार्य पूर्ण होने से चेहलारी - गनेशपुर तटबंध एवं फत्तेपुरवा , कनरकी , अटौरा आदि ग्रामों को बाढ़ एवं कृषि योग्य जमीन को कटान से बचाया जा सकेगा । जलशक्ति मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा के दौरान जलप्लावन की समस्या के निराकरण करने के उद्देश्य से समस्त ड्रेनों / नालों के इस सफाई कार्यक्रम में उन पर निर्मित क्षतिग्रस्त पुल / पुलियों के जीर्णोद्धार भी कराया जायेगा । विभाग के अन्तर्गत कुल 10787 नाले है जिनकी कुल लम्बाई 60205 किमी 0 है । इनमें से वित्तीय वर्ष 2019-20 में 2751 नालों की 13300 किमी 0 लम्बाई , वित्तीय वर्ष 2020-21 में 2481 नालों की 12073 किमी लम्बाई में सफाई कराई गयी । वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में 4811 नालो की 23944 किमी लम्बाई में सफाई करायी जा रही है । 

निरीक्षण उपरान्त जलशक्ति मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता से संतुष्ट नजर आये । निरीक्षण के समय सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियन्ता ( परि ० एवं नियो ० ) अशोक कुमार सिंह , प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लि नवीन कपूर , अधिशासी अभियन्ता  विशाल पोरवाल, परियोजना प्रबन्धक पंकज वर्मा आदि उपस्थित रहे ।




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