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Jal Shakti Mantralay ; किसानों की सहभागिता से किसानों की पैदावार बढ़ी।

 सिंचाई प्रबन्धन में किसानों की सहभागिता होने से बुदेलखण्ड क्षेत्र में किसानों की पैदावार बढ़ी। 

सब्सक्राइब करें। www.6amnewstimes.com 08:04:2021 RAVINDRA YADAV Lucknow, 9415461079 


लखनऊ , सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अन्तर्गत नहर कमांड क्षेत्र में जल उपयोग दक्षता बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सहभागी सिंचाई प्रबन्धन अधिनियम , 2009 के अन्तर्गत सिंचाई प्रबन्धन में कृषकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा रामगंगा संगठन के 12 जनपदों यथा - फर्रुखाबाद , कौशाम्बी , कासगंज , कानपुर , कन्नौज , औरैया , कानपुर देहात , फतेहपुर , एटा , मैनपुरी , इटावा एवं फिरोजाबाद में 914 तथा बेतवा संगठन के जनपद ललितपुर में 45 अल्पिका एवं राजवाह स्तरीय जल उपभोक्ता समितियों की स्थापना प्रथम बार की गई है । शारदा सहायक संगठन के 6 जनपदों यथा- बाराबंकी अमेठी , जौनपुर , रायबरेली , सुल्तानपुर एवं प्रतापगढ़ में 626 अल्पिका एवं राजवाह स्तरीय जल उपभोक्ता समितियों की पुनर्स्थापना भी की गई है । 

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 19 जनपदों में स्थापित 1585 जल उपभोक्ता समितियों को अल्पिकाओं एवं राजवाहों का सिंचाई प्रबन्धन सौप दिया गया है ।


 राज्य सरकार की मंशा है कि प्रदेश की लगभग 8500 अल्पिका तथा 1500 राजवाहा स्तरीय जल उपभोक्ता समितियों की स्थापना यथाशीघ्र कर दी जाए । इसके लिए बजट में 7 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है तथा 1585 जल उपभोक्ता समितियों के संचालन एवं सशक्तिकरण हेतु 12 करोड़ रूपये की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा पहली बार की गई है । बुंदेलखंड के ललितपुर जनपद की महरौनी तहसील के चऊका गांव के किसान मर्दन लाल जल उपभोक्ता समितियों की सिंचाई के क्षेत्र में सफल भूमिका की सराहना करते हुए बताया कि पहले टेल तक पानी नही पहुंचता था सिंचाई विभाग ने जल उपभोक्ता समितियों से सहायता लेकर इस समस्या का समाधान निकाला ।


 इसी प्रकार छपरौली जल उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष हनुमंत सिंह तोमर का कहना है कि पर्याप्त पानी मिलने से मर्दन लाल के तीन एकड़ खेत 24 कुन्तल मटर की पैदावार हुई । इसी प्रकार गढ़ौली माइनर के कमांड एरिया में आने वाले 4 हजार किसान लाभान्वित हुए है । जल उपभोक्ता समितियों की सिंचाई प्रबन्धन में सहभागिता किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध हो रही है ।




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