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पीड़िता के भाई के संगीन आरोप, योगी सरकार ने न हमें नौकरी दी, न आवास, सीएम ने किया था वादा। Hathras Gang Rape Case

“ मुआवजे का जातिवाद ” हाथरस कांड: पीड़िता के भाई के संगीन आरोप, न नौकरी दी, न आवास, सीएम ने किया था खुद वादा। 

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                 चित्र सोशल मीडिया से साभार। 

सीबीआई द्वारा आरोप पत्र दाखिल करने के बाद बिटिया के भाई का कहना है कि जब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हमें संतुष्टि नहीं मिलेगी। उसका यह भी कहना है कि सरकार ने हमें सरकारी नौकरी और शहरी क्षेत्र में एक आवास देने का वादा किया था, लेकिन यह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है 

और तो और हमें प्रदेश सरकार ने पूरी आर्थिक मदद भी नहीं दी है। उसने फिर डीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीबीआई द्वारा उसकी फोरेंसिक साइकोलॉजिकल जांच के बारे में उसका कहना है कि उसे इस बारे में किसी ने कुछ नहीं बताया है। 

अपने गांव में मीडिया कर्मियों से बातचीत में बिटिया के भाई ने कहा कि इस घटना के बाद सरकार ने उनके परिवार को 25 लाख रुपये, शहरी क्षेत्र में एक आवास और एक सरकारी नौकरी देने का वादा किया था। खुद उसके पिता से सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह वादा किया था, लेकिन अभी तक 25 लाख रुपये की धनराशि भी पूरी नहीं मिली है। 

अनुसूचित जाति उत्पीड़न के तहत मिलने वाली साढ़े आठ लाख रुपये की धनराशि को मिलाकर 25 लाख रुपये की धनराशि उनको मिली है। अभी तक न नौकरी मिली है और न ही आवास। इसके कागजात भी उनकी वकील के पास मौजूद हैं। उसने डीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। 

उसका कहना है कि डीएम के खिलाफ हम एसआईटी से भी शिकायत कर चुके हैं, फिर भी डीएम का तबादला नहीं किया जा रहा। उसने यह भी कहा कि सीबीआई ने चार्जशीट ठीक लगाई है, लेकिन हमें पूरा न्याय चाहिए। बहन के अस्थि विसर्जन के बारे में पूछने पर उसने कहा कि अभी हमें यही नहीं मालूम कि वह हमारी बहन की अस्थियां हैं या फिर कुछ और तो हम उनका विसर्जन कैसे कर सकते हैं। 

उसने यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की पुलिस पहले से ही यहां दूसरे पक्ष से मिली हुई थी। एक सवाल के जवाब में उसने यह भी कहा कि सीबीआई ने उससे फोरेंसिक साइकोलॉजिकल जांच कराने के लिए कोई बात नहीं की है और न ही उससे इसे लेकर कुछ कहा है। 

उसने कहा कि हम पहले से ही यह मांग कर रहे हैं कि हमारा पूरा केस दिल्ली में ट्रांसफर किया जाए। 



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