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गोरखपुर छितौना गांव। 8वीं पास दिनेश यादव ने अपने गांव को प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन का नजीर बना दिया।

 

यूपी गोरखपुर का छितौना गांव स्वच्छता अभियान की पहचान बना। परदेश से लौटकर 8वीं पास दिनेश यादव ने गांव की बदल दी तस्वीर; सीसीटीवी लगवाया, हर घर में नल से साफ पानी, पक्की सड़कें, हां डेढ़ साल से कोई क्राइम नहीं। 

गोरखपुर जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर में छितौना गांव खुले में शौच से मुक्त है। गांव में पक्की सीसी रोड है। सार्वजनिक संपत्तियों को तिरंगे के रंग में रंगा गया 


गांव के दिनेश यादव ने जिद में अपनी माता जी इंद्रावती देवी 2005 लड़ाया चुनाव, पहली बार 19 वोटों से हासिल की थी जीत उसके बाद अपने नेतृत्व में रेशमी देवी को 2010 से प्रधान पद पर चुनाव जीते हुए अपने ग्रामसभा का चौमुखी विकास करते आ रहे हैं 

गांव की हर गली देशभक्ति का दे रही संदेश,सार्वजनिक संपत्तियां तिरंगे के रंग रंगी है। 

गोरखपुर जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर छितौना गांव है। यहां रहने वाले दिनेश कुमार यादव 8वीं पास हैं। साल 1993 में रोजी रोटी की तलाश में बंबई (मुंबई) चले गए। उसके बाद साल 2005 तक दिल्ली में रहे। दिनेश कुमार के हाथों के हुनर ने उन्हें कभी बेरोजगार रहने नहीं दिया। वे शीशे में डिजाइन बनाते थे। काम अच्छा चल रहा था। 


लेकिन गांव की बदहाली उनके मन को परेशान कर रही थी। ऐसे में वे एक दिन गांव आकर प्रधान के कामचोरी की बात कुछ रिश्तेदारों से करने लगे। चूंकि प्रधान रिश्तेदार ही था, इसलिए लोगों ने उन्हें चुप करा दिया। लेकिन दिनेश ने उखड़े मन से कहा कि यदि वे (प्रधान) काम नहीं करेंगे तो मैं खुद चुनाव लड़ जाऊंगा। यह बात सुनकर लोग हंसने लगे। कहने लगे कि तुम्हे कौन वोट देगा? 12 साल तो परदेश में रहे हो।

यह बात दिनेश को नागवार गुजरी। उन्होंने साल 2005 में अपनी माता जी इंद्रावती देवी   का नामांकन कराया और महज 15 दिनों के भीतर 19 वोट से चुनाव जीत लिया। इसके बाद दिनेश ने एक प्लान के तहत गांव का विकास करना शुरू किया  वर्तमान में यह गांव नजीर बन चुका है। आज खुले में शौच से मुक्त है गांव। डेढ़ साल में कोई क्राइम रिकॉर्ड नहीं। 

आज रेशमी देवी लगातार तीन बार चुनाव जीत चुकी हैं। आज भी दिनेश कुमार प्रधान प्रतिनिधि हैं। इस गांव में मूलभूत सुविधा सड़क, पानी, मकान की अव्वल दर्जे की व्यवस्था। 

गांव में 295 परिवार, घर-घर पानी की सप्लाई होती है। 

मुख्यालय से सटे छितौना गांव की आबादी तकरीबन 1450 की है। तकरीबन 295 के आसपास यहां पर आवास हैं। इस गांव में मॉडल सामुदायिक शौचालय बनवाए गए हैं। पेड़ पौधों के साथ सार्वजनिक संपत्तियों पर देशभक्ति का स्लोगन लिखा गया है। जल निगम के जरिए पानी की टंकी बनवाई गई है। जिसके जरिए घर-घर पानी की सप्लाई है। सीसीटीवी 24 घंटे चले, इसलिए इनवर्टर की सुविधा है।

 जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने 3.53 करोड़ रुपए की परफार्मेंस ग्रांट स्वीकृत की है। इस बार आरओ प्लांट, फौव्वारा आदि का निर्माण कराया जाएगा। आगे इसमें और अच्छे से काम किया जाएगा, ताकि यह पूरे प्रदेश के लिए नजीर बन जाए।

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