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Yogi Sarkar 2.0 : लखनऊ-आगरा की “आवास योजनाओं में फर्जीवाड़े” पर आवास विकास परिषद के 7 अधिकारी सस्‍पेंड........... ।

 

दस रिटायर अधिकारियों,कर्मचारियों की पेंशन से होगी रिकवरी।

एक्‍शन में योगी सरकार, लखनऊ-आगरा की योजनाओं में फर्जीवाड़े पर आवास विकास परिषद के 7 अधिकारी सस्‍पेंड 

6 एएम न्यूज नेटवर्क : Edited by रविन्द्र यादव, लखनऊ 9415461079, 31 Mar 2022 : Thu, 08:34 AM 




योगी सरकार 2.0 लगातार एक्‍शन में है। आवास विकास परिषद की लखनऊ और आगरा योजना में फर्जीवाड़े के दोषी पाए गए सात और अधिकारियों, कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

आरोपियों की संलिप्तता की जानकारी के बाद आवास आयुक्त अजय चौहान ने तत्काल प्रभाव से ये कार्रवाई की है। निलंबन आदेश के साथ मामले की विस्तृत जांच के भी निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की अवध विहार, वृंदावन योजना और आम्रपाली योजना के कई भूखंडों में फर्जीवाड़ा मिला था। इसको लेकर आवास आयुक्त अजय चौहान ने पिछले माह परिषद के करीब डेढ़ दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। 

इन्हीं तीनों योजनाओं में अब कुछ और मामले सामने आए हैं। आवास आयुक्त अजय चौहान ने इनकी भी जांच कराई थी। छानबीन में अवध विहार, वृंदावन और आम्रपाली योजना का काम देखने वाले पांच और अधिकारी-कर्मचारी दोषी पाए गए हैं। आवास आयुक्त अजय चौहान ने कनिष्ठ लेखाधिकारी सुनील सरीन, वरिष्ठ सहायक इंद्रपाल वर्मा, कनिष्ठ सहायक शिव स्वरूप निगम, कनिष्ठ सहायक वशिष्ठ मणि त्रिपाठी, लेखाकार दीवेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोपियों ने हरदोई रोड आम्रपाली, रायबरेली रोड स्थित वृंदावन योजना, हिमालय और एवरेस्ट एनक्लेव में बिना पंजीकरण धनराशि जमा किए भू माफिया को प्लॉट और फ्लैट आवंटित किए। फिर उसे 5.87 करोड़ लौटाने में मदद की। इस मामले में पहले ही डेढ़ दर्जन लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है।


आगरा मामले में संपत्ति प्रबंधक-लेखाकार भी नपे। 

आगरा में आवास विकास परिषद के संपत्ति प्रबंधक गंगाराम और लेखाकार दीपक राज सिरोही पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। इन्होंने बिल्डर को लाभ देने के लिए परिषद को भारी क्षति पहुंचाई।


इन लोगों को पहले ही निलम्बित किया जा चुका है। 


आवास आयुक्त उप आवास आयुक्त डॉक्टर अनिल कुमार, सहायक आवास आयुक्त हेतम पाल, संपत्ति प्रबंधक केडी शर्मा, एक दूसरे संपत्ति प्रबंधक हरिमोहन को निलंबित कर चुके हैं। लिपिक केएन शुक्ला, रामनरेश भी सस्पेंड हैं। दस रिटायर अधिकारियों,कर्मचारियों की पेंशन से रिकवरी होगी। रिटायर संपत्ति प्रबंधक दिलीप शुक्ला, जावेद कदर, अशोक कुमार, प्रदीप श्रीवास्तव, संजीव रायजादा, प्रदीप अग्रवाल, आरके गौड़, ध्रुव शंकर अवस्थी, पीसी जोशी, लेखाधिकारी शैलेंद्र सक्सेना की पेंशन रोकने, घोटाले की रकम की रिकवरी के आदेश हुए हैं। पूर्व में निलंबित हुए अधिकारियों, कर्मचारियों को चार्जशीट दे दी गई है।


फर्जीवाड़े, घोटाले में शामिल कोई भी अफसर-कर्मचारी बच नहीं पाएगा। सात नए अधिकारी, कर्मचारी दोषी पाए गए हैं। सभी पर कार्रवाई कर दी गई है।





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