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AGRA_Police_Prashant_Kumar_Yadav_Murder_Case; विवाद सुलझाने गए दारोगा प्रशांत कुमार यादव की हत्या।

 आगरा भाइयों का विवाद सुलझाने गए दारोगा प्रशांत कुमार यादव की गोली मारकर हत्या। 

सब्सक्राइब करें। www.6amnewstimes.com lucknow 25:03:2021 RAVINDRA YADAV Lucknow, 9415461079 


आगरा। खंदौली थाने पर तैनात दरोगा प्रशांत यादव गांव में ही दो भाइयों के झगड़े को सुलझाने गए थे। बुधवार की शाम दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया। खंदौली के गांव नहर्रा में भाइयों के बीच आलू खुदाई का विवाद सुलझाने पहुंचे दारोगा प्रशांत कुमार यादव (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सिपाही चंद्रसेन के साथ दारोगा मौके पर पहुंचे थे। वारदात के बाद सिपाही ने हमलावर को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह धक्का मारकर फरार हो गया। दारोगा की हत्या की खबर मिलते ही महकमे में हड़कंप मच गया। एडीजी जोन राजीव कृष्ण, आईजी रेंज ए सतीश गणेश, एसएसपी बबलू कुमार मौके पर पहुंच गए। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। 

 शहीद दरोगा के परिवार को 50 लाख आर्थिक सहायता, एक सदस्य को नौकरी सीएम योगी ने व्यक्त की संवेदना। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में सब-इंस्पेक्टर की मृत्यु होने पर परिवार के प्रतिसंवेदना व्यक्त की है। साथ ही शहीद दरोगा के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दरोगा के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। वहीं शहीद दरोगा के नाम पर सड़क का नामकरण भी किया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री ने दरोगा की हत्या करने कोवालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। ] 

आलू खुदाई के बाद हुआ विवाद। 

पुलिस के अनुसार गांव नहर्रा निवासी विजय सिंह पहलवान के दो बेटे हैं। विजय सिंह ने अपनी पत्नी को छोड़ रखा है। बड़ा बेटा शिवनाथ उनके साथ रहता है। छोटा बेटा विश्वनाथ मां के साथ रहता है। खेत के तीन हिस्से हुए। एक हिस्सा विजय सिंह ने अपने पास रखा था। बड़े भाई शिवनाथ ने उसमें आलू की फसल की थी। बुधवार को खुदाई को लेकर विवाद हो गया। छोटे बेटे विश्वनाथ ने यह कहा कि पिता के हिस्से का आधा आलू मां को मिलेगा। सुबह से इस बात पर दोनों भाइयों के बीच विवाद चल रहा था। आलू की खुदाई हो गई थी। पूरा आलू बड़े भाई शिवनाथ को मिलना था। क्योंकि उसने ही फसल बोई थी। 

प्रशांत के सामने ही तमंचा लहराने लगा हत्यारा विश्वनाथ। 

विवाद की सूचना मिलने पर खंदौली थाने से दरोगा प्रशांत कुमार यादव और सिपाही चंद्रसेन खेत पर पहुंचे। इस दौरान छोटा भाई विश्वनाथ तमंचा लहराते हुए मजदूरों को धमका रहा था। विश्वनाथ के हाथ में तमंचा देख दरोगा ने साहस दिखाया। पीछा करके उसे दबोचने का प्रयास किया। वह खेत में भागने लगा। दरोगा प्रशांत कुमार ने पीछा बंद नहीं किया तो उसने तमंचे से गोली चला दी। गोली दारोगा की गर्दन में लगी। गोली चलते ही खेत पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर थाने से फोर्स पहुंच गई। लहूलुहान हालत में दरोगा प्रशांत कुमार को अस्पताल ले जाया गया। तब तक देर हो चुकी थी। एसएसपी बबलू कुमार के अनुसार घटना बड़ी गंभीर और हिला देने वाली है। पुलिस हत्यारोपी को तलाश रही है। वह मौके से भाग गया था। उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

2015 बैच के दारोगा थे शहीद प्रशांत यादव। 

शहीद दारोगा प्रशांत कुमार यादव वर्ष 2015 बैच में नियुक्त हुए थे। मूलत: बुलंदशहर के गांव छतारी के निवासी थे। उनके घर पर सूचना पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिवार के लोग आगरा के लिए रवाना हो गए हैं। 



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