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Irrigation-Department ; अल्पिका एवं रजबहा स्तरीय 167 अध्यक्षों की अनुभव साझा कार्यशाला सम्पन्न हुई।

 शारदा सहायक खण्ड -28 बाराबंकी एवं शारदा सहायक खण्ड -41 अमेठी के कुलावा, अल्पिका एवं रजबहा स्तरीय 167 अध्यक्षों की अनुभव साझा कार्यशाला सम्पन्न हुई।

Subscribe Now www.6amnewstimes.com Ravindra Yadav lucknow 15:01:2021



लखनऊ। 15 जनवरी, 2021 को क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब , लखनऊ में शारदा सहायक खण्ड -28 जनपद बाराबंकी एवं शारदा सहायक खण्ड -41 अमेठी के कुलावा , अल्पिका एवं रजबहा स्तरीय 167 अध्यक्षों की अनुभव साझा कार्यशाला सम्पन्न हुई । 

कार्यशाला में पैक्ट से पिम विशेषज्ञ कुलदीप श्रीवास्तव एवं अधिशासी अभियन्ता पिम राजेश शुक्ला ने अपने अनुभवों से हेड से टेल को पानी की सिचाई की व्यवस्था सर्वोत्तम होगी यही प्रक्रिया समितियों को सशक्त बनायेगी। पिम विशेषज्ञक्त कुलदीप श्रीवास्तव ने समितियों की कियाशीलता पर की जाने वाली कार्यवाही पर कियशीलता के वर्गीकरण हेतु शासनादेश जारी किया गया है, 


कार्यशाला में डाॅ सुरेश सिंह , प्रभारी पिम सर्ड व डाॅ अशोक कुमार , सहायक निदेशक सर्ड ने मितव्ययी प्रयोग पर बल दिया। वेद प्रकाश सिंह, आचार्य क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब , लखनऊ ने मृदा उर्वरता बनाये रखने पर बल दिया जिससे भूमि की उर्वरता से उत्पादन में वृद्वि हो , श्री लक्ष्मीकान्त वर्मा , सचिव छीड़ा प्रतापगढ़ ने अल्पिका पर सिचाई जल की अभिवृधि का व्योरा प्रस्तुत किया । 

नन्दकिशोर श्रीवास्तव , राज्य प्रशिक्षण समन्वयक ने राज्य ग्राम्य विकास संस्थान द्वारा गत 06 वर्षों में कराये गये क्षमतावर्धन कार्यक्रम का विवरण सचित्र प्रस्तुत किया । डाॅ. डी. सी. उपाध्याय , अपर निदेशक ने अपने सम्बोधन में कहा की आज अध्यक्षगण टेल तक फीडिंग हो रही है , वह संस्थान के प्रयासों का प्रतिफल है उन्होंने ये भी कहा की पिम एक्ट बन जाने के बाद ही ये व्यवस्था बन सकी है । संस्थानों द्वारा सिचाई रथ चलाकर जन जागरूकता पैदा की गयी इसी का प्रतिफल आज सम्मुख है कि सभी को सिचाई सुविधा मिल रही है । 

महानिदेशक , राज्य ग्राम्य विकास संस्थान , एल वेकेटेश्वर लू ने कार्यशाला में समापन अवसर पर प्रतिभागियों को निष्ठा और ईमानदारी के साथ समितियों के अध्यक्षों के रूप में कार्य करने का सुझाव दिया , उन्होंने कहा की अपने क्षेत्र में अच्छा कार्य करें जिससे जो सुख प्राप्त होगा वही ईश्वर का प्रसाद है इसे अपनायें और समितियों में आपसी सदभाव बने व पूर्ण मनोयोग से कार्य करें एवं सहभागी सिचाई प्रबन्धन व्यवस्था में सम्मेलन के लिए बधाई दी ।

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