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UP Jaunpur :जिले का दवा निरीक्षक कार्यालय भ्रष्टाचार और लूट खसोट का अड्डा बन गया है।

 दर्जनों दवा के सेम्पुल फेल नहीं किया केस दर्ज। जिले में नकली दवाओं की बेखौफ बिक्री। 

6AM NEWS TIMES Lucknow 25:09:2020 



जौनपुर। जिले का दवा निरीक्षक कार्यालय भ्रष्टाचार और लूट खसोट का अड्डा बन गया है। नकली दवाओं और मानक विहीन दवा की दुकानों की भरमार है। हालत यह है छापामार कर्यवाही के नाम पर दवा की दुकानों से सेम्पुल लेकर जांच के लिए भेजे गये और उसमें से करीब ढाई दर्जन सेम्पुल फेल हुए है 

लेकिन लेन देने कर उनके खिलाफ विशेष अदालत वाराणसी में मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया। दवा के सेम्पुल फेल हुए कई महीने बीत गये और उक्त दुकानदारों के विरूद्ध कार्यवाही न होने से वे अब भी बखौफ होकर दवा बेच रहे है और नकली दवाओं के माध्यम से लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे है। 

बताते है कि दवा निरीक्षक को जौनपुर का भी कार्यभार सौपा गया है और वे भदोही से ही अधिकतर यहां कार्य भदोही सेे ही निपटाते है। यहां सिर्फ कमाई और जांच के नाम पर आते है दो चार बार कुछ देर के लिए कार्यालय में बैठे है। दवा लाइसेन्स के नाम पर मानक और नीयम कानून बताकर मोट रकम लिये बिना लाइसेन्स नहीं बनता जबकि नाथूपुर चैराहा स्थित एक दुकान बिना मानक के ही अभी मोटी रकम लेकर लाइसेन्स जारी कर दिया गया। 

जिले में जब करीब 30 दुकानों पर दवा के सेम्पुल फेल होने पर ड्रग इन्सपेक्टर के शह पर खुलेआम चल रहे है । सूूत्रों का कहना है कि बंगलौर से बनी एक दवा फैक्ट्री की दवाओं के सैम्पुल ही फेल होरहे है जिसने जौनपुर और भदोही के अधिकांश दुकानों पर दवा की सप्लाई किया है। शासन स्तर से किसी विशेष जांच एजेन्सी से जांच कराने पर दूध और पानी अलग हो सकता है। 

सूत्रों का कहना है कि विभाग के सह पर ही नकली दवा बेची जाती है और फिर सेम्पुल लेकर मोटी रकम वसूलने का खेल किया जाता है। सूत्रों का दावा है कि अब तक इस खेल में इस जिले से करोड़ों का वारा न्यारा किया जा चुका है और दोनों जिलां में यह कारनामा जारी है। बताया गया है कि इस बारे में शासन को अवगत कराया गया है और निष्पक्ष जांच होने का आस्वासन भी मिलने की बात बतायी गयी है।

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