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Samajwadi Party : अखिलेश का एक और ड्रीम प्रोजेक्ट बेचने की तैयारी में योगी सरकार

 एक-एक करके अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट को बेचती जा रही हैं योगी सरकार। 

अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट शान-ए-अवध के बाद जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को भी बेचेगी योगी सरकार। 

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लखनऊ: योगी सरकार अब जेपीएनआईसी को भी बेचने की तैयारी में है। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने लगभग 16 सौ करोड़ में इस प्रोजेक्ट को बेचने का प्रस्ताव तैयार किया है। इससे पहले अखिलेश यादव सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट शान-ए-अवध को भी योगी सरकार नीलाम कर चुकी है।

अखिलेश का ड्रीम प्रोजेक्ट जेपी सेंटर बिक रहा है : सपा के पूर्व मंत्री अभिषेक बोले- सरकार आने पर खरीदने वाले की होगी जांच। 

                 जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर

एलडीए ने 1642.83 करोड़ रुपए लगाई कीमत 

लखनऊ जेपी सेंटरा अखिलेश यादव की सरकार में जेपी सेंटर बनाने में 881.36 करोड़ रुपए आया था खर्च लखनऊ विकास प्राधिकरण ( एलडीए ) ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र ( जेपी सेंटर ) को बेचने का प्रस्ताव शासन को भेजा है । इसकी कीमत 1642.83 करोड़ रुपए तय की गई है । लेकिन , अब इस मसले पर सियासत शुरू हो गई है । सपा के पूर्व मंत्री व पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिषेक मिश्र ने कहा कि वर्तमान सरकार पिछली सरकारों द्वारा बनाई गई इमारतों को बेचने की कोशिश कर रही है । यह दुर्भाग्यपूर्ण है । सरकार को इस पर फिर से विचार करना चाहिए । पूर्व मंत्री ने यहां तक कह डाला कि 2022 के चुनाव में सपा सरकार बनने पर जेपी सेंटर को खरीदने वाले की जांच कराई जाएगी । 881 करोड़ रुपए आया था निर्माण पर खर्च साल 2012-17 के अखिलेश यादव की सरकार में जेपी सेंटर बनाने में 881.36 करोड़ रुपए खर्च आया था । लेकिन अभी यह अधूरा है । जब लखनऊ विकास प्राधिकरण को पूरा करने के लिए कहा गया तो बजट न होने की बात कही गई । इसके बाद एलडीए जेपी सेंटर को बेचने की कीमत 1642.83 करोड़ रुपए लगाते हुए प्रस्ताव आवास विकास को भेज दिया है । प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है बचे हुए प्रोजेक्ट को पूरा करने में 130.60 खर्च होंगे जो विकास प्राधिकरण के पास नहीं है ।

गोमती नगर में निर्माणाधीन जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर जेपीएनआईसी को बेचने का निर्णय किया

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने गोमती नगर में निर्माणाधीन जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर जेपीएनआईसी को बेचने का निर्णय किया है। प्राधिकरण की ओर से इस सिलसिले में एक प्रस्ताव तैयार कर शासन में अनुमोदन के लिए भेजा गया है। शासन की हरी झंडी मिलने के बाद इसे बेचने की कार्यवाही की जाएगी। बताया जाता है कि प्राधिकरण ने इसकी कुल कीमत 1642.83 करोड रुपये आंकी है। यह सेंटर अब तक निर्माणाधीन है। पिछली सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका शिलान्यास किया था।


समाजवादी पार्टी नेता जयप्रकाश नारायण की स्मृति में बन रहे इस सेंटर को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। इसे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर के तौर पर तैयार किया जा रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण इसके निर्माण पर अब तक 881.36 करोड रुपये खर्च कर चुका है। योगी सरकार बनने के बाद से ही अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए एलडीए की ओर से 130 करोड 60 लाख रुपये की मांग की जा रही है। योगी सरकार ने पहले दो साल तक इस प्रोजेक्ट की जांच में बिता दिए और शेष बजट देने के बजाय इसे बेचने का मन बना लिया है।

शान-ए- अवध भी बिका। 

अखिलेश सरकार में लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शहीद पथ पर इकाना स्टेडियम के निकट शान-ए-अवध का निर्माण कराया है। दिल्ली के कनॉट प्लेस की तर्ज पर विकसित किए जा रहे इस बाजार को बनाने में असमर्थ प्राधिकरण ने लगभग डेढ साल पहले इसे एक बिल्डर को साढे पाँच सौ करोड़ में बेच दिया है। शान-ए- अवध के बाद अब जेपीएनआईसी दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट है जो प्राधिकरण बेचने जा रहा है

 हेलीपैड सहित अन्य बहुत सी सुविधाओं से लैस है जेपी सेंटर

सेंटर का संचालन नहीं होने से मशीनें और उपकरण भी खराब हो रहे हैं । कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया मुख्य अभियंता इंदु शेखर सिंह के अनुसार बेचने को लेकर कोई भी प्रस्ताव एलडीए की तरफ से नहीं बनाया गया न भेजा गया है । मल्टी लेवल पार्किंग व हैंगिंग स्विमिंग पूल है बना करीब 75,464 वर्ग मीटर बने जेपी सेंटर में एक ओलंपिक साइज का स्विमिंग पूल , लॉन टेनिस कोर्ट , स्क्वाश कोर्ट भी शामिल है । इसके अलावा 1000 वाहनों की मल्टी लेवल पार्किंग साथ ही सेंटर में बने म्यूजियम ब्लॉक में जयप्रकाश नारायण से जुड़ी चीजें रखी गई हैं । जेपी सेंटर की गेस्ट हाउस में 103 लग्जरी कमरे , साथ में 7 सूट हेल्थ सेंटर , रेस्टोरेंट्स , 7 फुट बाहर लटकता स्विमिंग पूल और हेलीपैड है । इसके अलावा कन्वेंशन ब्लॉक में 2000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला हाल है । साथ ही 1000 लोगों के बैठने की क्षमता का ऑडिटोरियम है । इसके अलावा भी कई बड़े सेमिनार हॉल हैं ।






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