"जो सुरूर दिल को दे ना सके, वो शराब पीना हराम़ है, तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया"
6AM NEWS TIMES, Published by & Updated by : Ravindra yadav, Sun, 30, Aug, 2026, 12:25 AM IST
प्रयागराज एवं देश की की प्रख्यात, अंतरराष्ट्रीय शायरा डॉ प्रीता बाजपेई ने फिराक गोरखपुरी की जयंती पर हिंदुस्तानी अकादमी प्रयागराज में उपरोक्त शेर एवं ग़ज़ल की प्रस्तुति दी तो यह ऐतिहासिक सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा वही सनशाइन हाइट्स, सिविल लाइंस के कम्युनिटी हाल में शहर के एवं हमारे देश के सुविख्यात समाजसेवी तथा संगीत प्रेमी जो"बुढ़ापे की लकड़ी" "विकल्प सेवा समिति"संगीत प्रकोष्ठ" एवं अनेक ऐसी संस्थाओं के संस्थापक हैं,
डॉ.पी.के. सिन्हा पूर्व सी.एम.ओ.को उनके 78वें जन्मदिवस पर बधाईयां देते हुए सुंदर गीत"तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया"जो गाना शुरू किया तो हाल में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति सम्मोहित हो गया, ऐसा दृश्य कभी-कभी दृष्टिगोचर होता है उपस्थित गणमान्य जनों ने डॉ.बाजपेई के इस गीत की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें बहुत बहुत बधाइयां दी।
इसी समारोह में रामकिशोर ने-आज मौसम बड़ा बेईमान है, योगेंद्र पांडे ने-तू प्यार है किसी और का तुझे चाहता कोई और है, राजीव श्रीवास्तव ने-अजी रूठ कर अब कहां जाइएगा एवं अनेक सुप्रतिष्ठित गायकों और गायिकाओं ने, अशोक महेश्वरी, हरीश श्रीवास्तव, फरहाना सिद्दीकी, शालिनी खरे, शरद शांगलू के साथ बेमिसाल गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी।
