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UP Panchayat Election 2021; यूपी के चार जिलों में चल रहा आरक्षण पूरी तरह से खत्म। ?

  यूपी के चार जिलों में आरक्षण की व्यवस्था पूरी तरह से खत्म, योगी कैबिनेट ने दे दी मंजूरी।      👉  Reservation समाप्त। 

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रविन्द्र यादव लखनऊ ।


पंचायती राज विभाग ने एक अधिसूचना के जरिए

गोंडा, संभल, मुरादाबाद और नोएडा में चली आ रही आरक्षण (Reservation) की व्यवस्था को शून्य कर दिया है समाप्त कर दिया गया है। 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav) में आरक्षण की व्यवस्था को लेकर सरकार की सक्रियता बढ़ती जा रही है. इसी क्रम में पूरे प्रदेश में एक जैसी आरक्षण की व्यवस्था हो इसके लिए पंचायती राज अधिनियम की नियमावली में संशोधन किया गया है. इसके तहत 4 जिलों में बाकी प्रदेश के सभी जिलों से अलग चली आ रही आरक्षण की व्यवस्था को खत्म कर दिया है. पंचायती राज विभाग ने एक अधिसूचना के जरिए गोंडा, संभल, मुरादाबाद और नोएडा में चली आ रही आरक्षण की व्यवस्था को शून्य कर दिया है यानी खत्म कर दिया गया है. प्रदेश के इन चारों जिलों में 2015 से अलग आरक्षण की व्यवस्था चली जा रही थी.


पंचायती राज अधिनियम की नियमावली में इस बात का प्रावधान है कि जब भी सीटों का पुनर्गठन या परिसीमन किया जाएगा तो नए सिरे से आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी. गोंडा, संभल, मुरादाबाद और नोएडा में 2015 से ही आरक्षण की व्यवस्था चली आ रही थी. अगर इन जिलों में आरक्षण की पुरानी व्यवस्था को खत्म न किया जाता इस बार के चुनाव में 2015 की व्यवस्था ही बरकरार रखनी पड़ती. इसे देखते हुए पंचायती राज विभाग ने चारों जिलों में आरक्षण की पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया है. प्रदेश में जब नए सिरे से सभी सीटों पर आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी तो इन 4 जिलों में भी उसी तरह से आरक्षण की व्यवस्था होगी। 

योगी कैबिनेट से मिली मंजूरी। 

बता दें कि आरक्षण किस तरह से होना है इस मामले को योगी कैबिनेट में मंगलवार को अप्रूवल दे दिया है. अगले दो से 3 दिनों में आरक्षण का शासनादेश जारी कर दिया जाएगा. बता दें कि आरक्षण का शासनादेश जारी होने के बाद कम से कम 1 महीने का इंतजार करना पड़ेगा तब कहीं जाकर सीटों के आरक्षण की सूची जारी हो सकेगी। 


इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, 17 मार्च से पहले सीटवार आरक्षण की सूची सरकार को जारी करनी है. 30 अप्रैल तक ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव करा लिए जाने हैं जबकि ब्लॉक प्रमुख औऱ जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव 15 मई तक खत्म करना है.

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