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पंद्रहवें वित्त अनुशंसा की एक किश्त अब तक नहीं मिल सकी है। Up-Panchayat-election-2021

यूूपी पंचायत चुनाव 2020 : खत्म होने वाला है  कार्यकाल, प्रधानो को अब भी सैकड़ों करोड़ का इंतजार। पंद्रहवें वित्त अनुशंसा की एक किश्त अब तक नहीं मिल सकी है। 

Ravindra Yadav 6 एएम न्यूज़ टाइम्स लखनऊ 9415461079 


25 दिसम्बर 2020 को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। संवैधानिक रूप से अब तक चुनाव करवाने व नई ग्राम पंचायतों का गठन हो जाना चाहिए था। पर कोरोना महामारी के चलते चुनाव टलते गए, ऐसे में अब फरवरी 2021 में पंचायत चुनाव होने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि परिसीमन की जटिलताएं पंचायत चुनावों को और आगे खींच सकती हैं। 


ग्राम पंचायत की आबादी, कुल क्षेत्रफल व अनुसूचित जाति की जनसंख्या के आकलन के आधार पर प्रत्येक वित्तीय वर्ष में बजट आवंटित किया जाता है। आवंटित धनराशि ग्राम निधि के अलग अलग बैंक खातों में भेजी जाती है। पर इस वित्तीय वर्ष में कोरोना महामारी के चलते भारी कटौती की गई है,

 यही नहीं केंद्र सरकार की ओर से पंद्रहवें वित्त की अनुशंसा से भेजी जाने वाली दो किश्तों में से एक किश्त अब तक नहीं मिल सकी है। कई जनपदों की ग्राम पंचायतों को एक वित्तीय वर्ष में तकरीबन दो सौ करोड़ की धनराशि केंद्र सरकार की ओर से विकास कार्यों को करवाए जाने के लिए दी जाती है। पहली किश्त मार्च के बाद और दूसरी किश्त अक्टूबर व नवम्बर में प्राप्त हो जाती है। पर इस वित्तीय वर्ष में पहली किश्त जारी होने के बाद कोरोना महामारी से खस्ता हाल हुई अर्थव्यवस्था के कारण दूसरी किश्त जारी करने में देर हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है, दिसम्बर के अंत तक यह धनराशि जारी कर दी जाएगी। पंचायत महकमें के जिम्मेदारों के मुताबिक इस माह तकरीबन सौ करोड़ रुपए जारी कर दिए जाएंगे जो सीधे ही ग्राम निधि में पहुंचेगे। हालांकि तब तक वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष संजीव सिंह कुशवाहा ने मांग की कोरोना संक्रमण काल में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल प्रभावित हुआ है। लॉक डाउन के दौरान विकास कार्यों के करवाए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। ऐसे में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल प्रभावित हुआ, सरकार को इसकी भरपाई करने के लिए चुनाव सम्पन्न न होने तक प्रभार वर्तमान ग्राम प्रधानों को ही देना चाहिए। 


पैसा मिले तो बढ़े विकास कार्य की गति

अगर ससमय धनराशि का आवंटन हो गया तो मौजूदा ग्राम प्रधान काम करवा कर कुछ और लोगों को खुश कर सकते हैं। ऐसे में वर्तमान ग्राम प्रधानों को जनता को खुश करने का एक और मौका मिल जाएगा। वहीं संभावित प्रत्याशी मान कर चल रहे हैं, यह धनराशि वर्तमान ग्राम प्रधानों के कार्यकाल के बाद ही जारी की जाएगी। जो चुनाव जीतने के बाद उन्हे खर्च करने को मिलेगी।  

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