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दर्दनाक यूपी : कौशाम्बी रात में हुई शादी और सुबह बिछ गईंं लाशें, Kaushambi-Road-accident


दर्दनाक हादसा यूपी। कौशाम्बी रात में हुई शादी और सुबह बिछ गईंं लाशें, लाल जोड़े में बदहवास दुल्हन पूछती ही रह गई हुआ क्या है ?


                     फोटो सोशल मीडिया से साभार 

प्रयागराज । यूपी के कौशांबी जिले में मंगलवार की रात करीब तीन बजे बड़ा हादसा हो गया। कड़ाधाम कोतवाली इलाके के देवीगंज चौराहे पर खड़ी स्कार्पियो के ऊपर गिट्टी का चूरा (स्टोन डस्ट) लदा डंपर पलट गया। इससे स्‍कार्पियो में सवार लोग दब गए। हादसे में स्‍कार्पियो के चालक समेत आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के दौरान दो लड़कियों ने गाड़ी से कूद कर अपनी जान बचाई। स्‍कार्पियाे में कुल 10 लोग सवार थे। मृतकों में तीन परिवार की छह महिलाएं व दो बच्चे हैं। 


कोखराज थाना क्षेत्र के शहजादपुर से बरात मंगलवार को कड़ा धाम थाना इलाके के देवीगंज में आई थी। पंकज गुप्ता पुत्र मोहनलाल गुप्ता की शादी थी। विवाह समारोह देवीगंज के माहेश्वरी गार्डेन में संपन्‍न हुआ। कन्‍या पक्ष के लोग फतेहपुर के दावतमई कसार के रहने वाले थे। देवनारायण की पुत्री विमला की शादी थी। बुधवार की देर रात करीब तीन बजे बरात में शामिल लोग एक स्‍कार्पियो में सवार होकर वापस शहजादपुर लौट रहे थे। स्‍कार्पियो में 10 लोग सवार थे। इनमें तीन परिवार की छह महिलाएं और दो बच्‍चे भी शामिल थे। कड़ाधाम कोतवाली इलाके के देवीगंज चौराहे के पास स्‍कार्पियाे रुकी थी। इसी दौरान जा रहा एक गिट्टी पाउडर लदा डंपर अनियंत्रित हो गया और खड़ी स्‍कार्पियाे पर पलट गया।

कौशांबी में बुधवार भोर तकबीरन तीन बजे आई एक फोन कॉल के बाद देवीगंज बाजार स्थित गेस्ट हाउस में अफरातफरी मच गई। हर शख्स घटना की जानकारी होने के बाद मौके की तरफ भागने लगा। दुल्हन बनी विमला को माजरा समझ में नहीं आ रहा था। 

वह हर शख्स से बस यही पूछती दिखी कि ऐ... भइया हुआ क्या। कुछ पल तो उसे ऐसा लगा कि बराती शायद नाराज होकर अपने-अपने वाहनों से भागे जा रहे थे। बाद में किसी ने विमला को बताया गया कि हादसे में उसकी ननद समेत आठ लोगों की मौत हो गई है तो वह दहाड़ मारकर रो पड़ी।

दुल्हन बनी विमला को उसकी ननद शशि ने अपने साथ ही भोजन कराया। इसके बाद विवाह की अन्य रस्म होनी थी। इसी बीच दूल्हे पंकज की बहन ने घर जाने का प्लान बना लिया। जाते वक्त वह विमला से मिलकर निकली थी। इसके कुछ ही देर बाद गेस्ट हाउस में अफरातफरी मच गई। रिश्तेदार से लेकर हलवाई, टेंट व कैटरिंग वाले भी चले गए।

विमला के साथ बची थी तो कुछ घराती पक्ष की महिलाएं। उन्हें भी कुछ समझ नहीं आ रहा था। बाद में पता चला कि सड़क दुर्घटना में कुछ देर पहले उससे मिलकर निकली ननद व भांजे के साथ ही आठ लोगों की मौत हो गई है तो विमला दहाड़ मारकर रो पड़ी। साथ रही महिलाओं ने उसे संभालने का प्रयास किया, लेकिन उसका रोना बंद नहीं हुआ। बाद में विमला को बिना विदा कराए मायके भेज दिया गया।

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