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Akhilesh Yadav V/S Sivpal Yadav ; शिवपाल ने किसी दल में पार्टी के विलय को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी केवल सम्मानजनक गठबंधन करेगी।

 शिवपाल यादव ने किसी दल में पार्टी के विलय को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी केवल सम्मानजनक गठबंधन करेगी।

 #6AM_NEWS_TIMES डेली न्यूज़ पेपर 


#UP_लखनऊ_ से_प्रकाशित। 

प्रसपा के प्रदेश मुख्यालय में शिवपाल यादव की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में उन्होने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि उनके सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रसपा के किसी दल में विलय की चर्चा को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी केवल सम्मानजनक गठबंधन करेगी।

दरअसल, शिवपाल यादव यह जानतें है कि सपा में प्रसपा का विलय करने से उन्हें और उनके बेटे आदित्य का समायोजन तो समाजवादी पार्टी में सम्मानजनक पद पर हो जायेगा , लेकिन बुरे समय में उनका साथ देने वाले हजारों नेताओं व कार्यकर्ताओं को सपा में यथोचित सम्मान नही मिल पायेगा। तब सपा मे कुछ सीटों के लिये विलय करने से अच्छा है कि सपा के साथ अपनी पार्टी का सम्मानजनक अस्तित्व बनाये रखते हुये सीटों पर समझौता किया जाये।

वहीं, अखिलेश यादव को आशंका है कि प्रसपा से गठबंधन करने से उन्हे कोई खास फायदा होना नही है। बल्कि सीटो को लेकर गठबंधन करने से सारा फायदा प्रसपा को ही होगा और भविष्य में ये सपा के लिये सरदर्द बन सकतें हैं। क्योंकि दोनों का वोट बैंक एक ही है। ऐसी स्थिति मे प्रसपा का सपा मे विलय कराकर हमेशा के लिये ये सरदर्द हमेशा के लिये खत्म कर लिया जाये।


फिलहाल चाचा और भतीजे में सुलह की संभावनाये लगभग समाप्त हैं, लेकिन राजनीति मे न कोई स्थायी रूप से शत्रु होता है और न स्थायी रूप से मित्र होता है। कभी भी कुछ भी हो सकता है?

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