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UP : कांग्रेस व बसपा के फैसले से मचेगा घमासान। वरिष्ठ नेताओं के सहारे कांग्रेस।

UP : कांग्रेस व बसपा के फैसले से मचेगा घमासान। वरिष्ठ नेताओं के सहारे कांग्रेस। 

6AM NEWS TIMES


                     प्रियंका गांधी व मायावती फाइल फोटो 

कांग्रेस ने उपचुनाव वाली सीटों के लिए अलग-अलग चुनावी कमेटी बनाई। 

तो बसपा ने भी मुख्य सेक्टर इंचार्जों को पार्टी के प्रत्याशियों की घोषणा का अधिकार देकर उपचुनावों को दिलचस्प बना दिया है। 

इससे अब उपचुनाव में भाजपा से आरपार की लड़ाई का एलान करने वाले दलों के बीच भी विधानसभा की इन आठ सीटों पर आर-पार होना तय हो गया है। साथ ही यह भी साफ हो गया है कि फिलहाल ये अलग-अलग ही भाजपा को घेरेंगे।

कांग्रेस की तैयारी और बसपा के चुनाव लड़ने के एलान से भाजपा को विपक्ष के बिखरे वोटों का लाभ मिल सकता है। कारण, सपा भी पहले ही मैदान में उतरने का एलान कर चुकी है।

कांग्रेस ने वरिष्ठ नेताओं को सौंपी जिम्मेदारी

पिछले कई महीने से सरकार के खिलाफ लगातार मोर्चा खोले और विपक्षी पार्टियों में लीड लिए चल रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने पूरी ताकत से उप चुनाव लड़ने का एलान कर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की कोशिश की है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली के अनुसार, हर सीट के लिए दावेदारों से उम्मीदवार का आवेदन लेने के लिए वरिष्ठ नेताओं की भारी-भरकम अलग-अलग कमेटियां गठित कर भाजपा के खिलाफ पूरी ताकत से मैदान में उतरने का संदेश दिया है। बावजूद इसके यह सवाल अपनी जगह है कि बिना मजबूत जमीन और कार्यकर्ताओं के क्या सिर्फ हर सीट के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की कमेटियां गठित कर देने भर से उन्हें इन उपचुनाव में भी लीड मिल जाएगी।  

कौन हैं कांग्रेस के रणनीतिकारों टीम में शामिल। 

घाटमपुर (सु) सीट की जिम्मेदारी पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व मंत्री आरके चौधरी एवं पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश दीक्षित को सौंपी गई है। मल्हनी सीट की जिम्मेदारी पूर्व विधायक अजय राय, पूर्व विधायक राम जियावन तथा पार्टी के महासचिव मकसूद खान को सौंपी गई है। देवरिया सदर सीट की जिम्मेदारी पूर्व विधायक नदीम जावेद, पूर्व सांसद बालकृष्ण चौहान व पार्टी के महासचिव विश्वविजय सिंह को दी गई है।

बांगरमऊ सीट की जिम्मेदारी कानपुर कैंट से विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष सुहैल अख्तर अंसारी, पूर्व विधायक संजीव दरियाबादी और पार्टी के महासचिव विवेकानंद पाठक को सौंपी गई है। टूंडला की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व मंत्री दीपक कुमार और प्रदेश महासचिव बदरुद्दीन कुरैशी को दी गई है।


नौगवां सादात की जिम्मेदारी पूर्व सांसद प्रवीन सिंह ऐरन, विधायक नरेश सैनी, प्रदेश महासचिव अली यूसुफ अली को सौंपी गई है। बुलंदशहर की जिम्मेदारी पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, विधायक मसूद अख्तर, कांग्रेस महासचिव विदित चौधरी तथा स्वार विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी पूर्व सांसद राशिद अल्वी, पूर्व विधायक नरेंद्र पाल गंगवार तथा कांग्रेस महासचिव ब्रह्मस्वरूप सागर को दी गई है।

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