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UP_Panchayat_Election_2021; जुगाड़ की एनओसी पड़ सकती भारी जानें कैसे।

प्रधान नामांकन रद्द ना हो इसका कर रहे हैं जुगाड़, जानें कैसे जुगाड़ के चक्कर में धोखा खा सकते हैं प्रधान। 

सब्सक्राइब करें। www.6amnewstimes.com Ravindra Yadav lucknow 19:01:2021 

पंचायत चुनाव के लिए 22 जनवरी को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने वाली है। अब सीटों पे आरक्षण के साथ ही एनओसी के लिए जद्दोजहद मे लगे हैं भावी उम्मीदवार।

  👉 पंचायत सचिव की ओर से जारी एनओसी की खाते से होगी जांच।  

  👉 शासन की ओर से पंचायतराज विभाग को निर्देश रिकवरी के बाद भी एनओसी से नहीं नहीं लड़ पाएंगे चुनाव।  

 👉 एनओसी की आनलाईन जांच की शासन की मंशा ? 

ग्राम प्रधान पद पर चुनाव लड़ने के लिए पूर्व प्रधान पंचायत सचिवों से एनओसी लेने के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं। शासन की ओर से पंचायतराज विभाग को ऐसे पूर्व प्रधानों को अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं जारी करने के निर्देश दिए गए है, जिनसे विभिन्न मामलों में रिकवरी की गई है। रिकवरी की कार्रवाई का सामना कर चुके प्रधान भी एनओसी के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों ने अपने दस्तावेजों को तैयार करना शुरू कर दिया है। सभी विभागों से एनओसी सहित अन्य दस्तावेेजों को पूरा कराया जा रहा है, जिससे नामांकन में किसी प्रकार की कोई समस्या न आ सके।

 बता दें कि कई ग्राम प्रधानों ने विकास कार्यों में अनियमितताएं बरती थीं। शिकायत प्राप्त होने पर जांच कमेटियों द्वारा जांच की गई। जांच में वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं। इस आधार पर ग्राम प्रधानों से धनराशि की वसूूली करने के आदेश जारी किए गए। 

कई ग्राम प्रधान ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक रिकवरी की धनराशि जमा नहीं की है। अब ऐसे ग्राम प्रधान फिर से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। यह प्रधान अब विभाग से एनओसी लेने के लिए पंचायत सचिवों से जुगाड़ लगा रहे हैं, 

क्योंकि ग्राम प्रधान पद के लिए पंचायत सचिव की ओर से एनओसी जारी की जाती है। डीपीआरओ ने बताया कि बिना रिकवरी की धनराशि जमा किए किसी भी प्रत्याशी को एनओसी नहीं दी जाएगी। सभी पंचायत सचिवों को इस बारे में निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।



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