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लखनऊ के एरा मेडिकन काॅलेज और इंटीग्रल अस्पताल पर अंग तस्करी के आरोप जांच के आदेश। CM-YOGI-Covid-19

 

CM योगी ने दिए दो अस्पतालों पर जांच के आदेश, कोरोना मरीजों के अंग निकालने का आरोप। 

 6 एएम न्यूज़ टाइम्स लखनऊ, 26:11 :2020 / 08:02 AM 


लखनऊ के दो अस्पतालों पर कोरोना मरीज के अंगों को तस्करी करने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दे दिए हैं। 

अस्पताल पर लगे कोरोना मरीज के अंग निकालकर तस्कर करने के आरोप। 

लखनऊ. यूपी की राजधानी लखनऊ के दो प्राइवेट अस्पतालों पर कोरोना मरीजों के अंग निकालकर तस्करी करने के आरोप लगे हैं,  पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मरीज के इलाज में लापरवाही हुई है, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। 



लखनऊ के एरा मेडिकन काॅलेज और इंटीग्रल अस्पताल पर अंग तस्करी के आरोप लगे हैं,  मृतक के पिता ने कानून मंत्री बृजेश पाठक से इस मामले की शिकायत दर्ज की है जिसके बाद कानून मंत्री ने सीएम को चिट्ठी लिखी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को टीम बनाकर जांच करने के आदेश दिए हैं। 

इस मामले को लेकर एरा मेडिकल काॅलेज के डाॅ. एमएन सिद्दीकी ने कहा कि मरीज की मृत्यु पर अफसोस है लेकिन परिवारजन बेटे की मौत पर राजनति कर रहे हैं और अस्पतालों पर गलत इल्जाम लगा रहे हैं. जब कोरोना संक्रमित की मौत के बाद परिवारजन शव लेने तक में आनकानी कर रहे हैं ऐसे में अंग तस्करी के आरोप बेबुनियाद हैं। 

ये मामला राजधानी के एरा मेडिकल काॅलेज का है चिनहट के पक्का तालाब निवासी आदर्श कमल पांडेय को बुखार आया, जिसके बाद उनको अस्पताल ले जाया गया डाॅक्टर की सलाह पर 11 सितंबर को कोरोना चांच हुई. जिसमें कोरोना रिपोर्ट पाॅजिटिव आई, जिसके बाद 15 सितंबर को आदर्श को एंटीग्रल मेडीकल काॅलेज में भर्ती कराया, कुछ दिनों बाद आदर्श ने अपनी बहन को मैसेज करके इलाज में हो रही गड़बड़ी के बारे में बताया. जिसमें उसने अंग निकालने की आशंका जाहिर की थी, जिसके बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। 


आदर्श ने अपनी बहन से खुद को निकालने के लिए कहा. जिसके बाद परिजनों ने अफसरों से बात करके उसे एरा मेडिकल काॅलेज में रेफर किया. 26 सितंबर को परिजनों को बताया गया कि सब ठीक है और 15 मिनट बाद अस्पताल प्रशासन ने मौत की सूचना दी. जिसके बाद परिजनों ने मोहन लालगंज सांसद कौशल किशोर से शिकायत की. जिसके बाद सांसद ने दोनों अस्पतालों की जांच के लिए पत्र लिखा.

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